सैलरी आते ही पैसा खर्च करने के बजाय 50-30-20 Rule अपनाकर बचत, इमरजेंसी फंड और निवेश की नींव रखी जा सकती है। SEBI और RBI की सलाह के अनुसार, पहले जरूरी खर्च, फिर इमरजेंसी फंड और इंश्योरेंस, और अंत में निवेश को प्राथमिकता दें। ₹25,000, ₹50,000 और ₹1 लाख की सैलरी के लिए अलग-अलग प्लान बताए गए हैं।
सैलरी से पैसा बचाने का आसान तरीका: 50-30-20 Rule
Source: Patrika Hindi