पाकिस्तान ने मोहम्मद अली जिन्ना की तपेदिक बीमारी को गुप्त रखने वाले दो पारसी डॉक्टरों को निशान-ए-क़ायद-ए-आज़म के लिए नामित किया है। इतिहासकारों का मानना है कि यदि यह राज़ फैल जाता, तो भारत का विभाजन टल सकता था और पाकिस्तान की स्थापना ख़तरे में पड़ जाती।
जिन्ना की बीमारी छिपाने वाले डॉक्टरों को पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
Source: BBC Hindi