वी-डेम एकेडमिक फ्रीडम इंडेक्स के अनुसार, 179 देशों में भारत शैक्षणिक स्वतंत्रता में निचले 10-20 प्रतिशत में है, जो 1990 के बाद सबसे खराब स्थिति है। राजनीतिक दबाव, सत्ता के अनुकूल विश्वविद्यालयी व्यवस्था और शिक्षाविदों की चुप्पी ने आलोचनात्मक सोच को नुकसान पहुंचाया है। यह प्रवृत्ति लोकतंत्र को कमज़ोर करती है, क्योंकि स्वतंत्र विचार और संवाद की संस्कृति खत्म हो रही है।
शैक्षणिक आज़ादी के क्षरण से लोकतंत्र कमज़ोर
Source: Dainik Tribune Hindi