महिला हॉकी वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी 30 सेकंड में शानदार डाइव लगाकर गोल बचाने वाली बिचू देवी की कहानी प्रेरणादायक है। फुटबॉल ट्रायल में देरी से पहुंचने के कारण हॉकी थामनी पड़ी। कोच के कहने पर स्ट्राइकर से गोलकीपर बनीं। धोनी की तरह शांत रहकर खेलती हैं।
बिचू देवी: फुटबॉल से हॉकी तक का प्रेरणादायक सफर
Source: News18 Hindi