हाल ही में समाप्त मानसून सत्र में संसद की कार्यवाही पर चिंता जताई गई है। 11 विधेयक पारित हुए, जिनमें से सात पर लोकसभा में पांच मिनट से भी कम चर्चा हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए संवाद, बहस और विचार-विमर्श आवश्यक हैं, लेकिन इनकी जगह टकराव और बहुमत के अंकगणित ने ले ली है।
संसद की पंगुता: स्वस्थ लोकतंत्र के लिए संवाद, बहस और विचार-विमर्श जरूरी
Source: Lokmat Hindi