मानसून सत्र में संसद का केवल 19 प्रतिशत कामकाज हो सका और 173 कार्य घंटे बर्बाद हुए। दो महत्वपूर्ण विधेयक 14 मिनट की चर्चा में पारित हुए, जबकि 11 बिना चर्चा के। सत्तापक्ष और विपक्ष एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, लेकिन दोनों की भूमिकाएं बदलने पर सोच बदल जाती है।
संसदीय गतिरोध: 173 कार्य घंटे बर्बाद, 19% कामकाज ही हुआ
Source: Lokmat Hindi