दुनिया में लगभग 11,800 डाटा सेंटर संचालित हैं, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। लेकिन इनकी भारी बिजली और पानी की खपत पर्यावरण के लिए चिंता पैदा कर रही है। एक हाइपरस्केल डाटा सेंटर अकेले शीतलन के लिए प्रतिदिन 20 लाख लीटर पानी उपयोग कर सकता है। भारत को डिजिटल प्रगति और संसाधन संरक्षण में संतुलन बनाना होगा।
डिजिटल विकास: डाटा सेंटरों की जल खपत बड़ी चिंता
Source: Lokmat Hindi