नई दिल्ली में जागरण फिल्म फेस्टिवल में बॉबी देओल ने पिता धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि 'आश्रम', 'एनिमल' जैसे प्रोजेक्ट्स से विलेन की छवि बनी है, लेकिन वे अलग-अलग शेड्स वाले रोल चुनकर टाइपकास्टिंग से बाहर निकलना चाहते हैं। उन्होंने 'बंदर' जैसी अलग फिल्मों का जिक्र किया।
बॉबी देओल ने कहा- विलेन के स्टीरियोटाइप को तोड़ना चाहता हूं
Source: Nai Dunia