जबलपुर में दवा कंपनियां डॉक्टरों को महंगी दवाएं लिखने पर विदेशी टूर और कमीशन दे रही हैं। इससे मरीज सस्ती जेनेरिक दवाओं के बजाय 5-6 गुना महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। चिकित्सा परिषद के नियमों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने जेनेरिक नाम लिखने अनिवार्य करने और जांच की मांग की है।
जबलपुर में दवा कंपनियों और डॉक्टरों की साठगांठ, मरीजों पर बोझ
Source: Nai Dunia