गूगल पर एआई जवाबों की बढ़ती मौजूदगी के बीच विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ सटीकता जांचना पर्याप्त नहीं। जवाब तथ्यात्मक, व्याख्यात्मक, रचनात्मक या रणनीतिक हो सकते हैं और हर प्रकार के लिए अलग सत्यापन जरूरी है। किशोरों के स्क्रीन टाइम पर एआई ने पहले दो घंटे की सीमा बताई, फिर कहा कि गुणवत्ता और संदर्भ अधिक मायने रखते हैं।
एआई जवाबों की सटीकता से परे, प्रकार समझना जरूरी
Source: Lokmat Hindi