इस वर्ष पितृ पक्ष 26 सितंबर, शनिवार से शुरू होकर 10 अक्टूबर, सर्वपितृ अमावस्या के दिन समाप्त होगा। भाद्रपद पूर्णिमा से आरंभ इस 14 दिवसीय अवधि में पूर्वजों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान किया जाएगा। 30 सितंबर को चतुर्थी और पंचमी का श्राद्ध एक साथ पड़ेगा, जबकि आठ साल बाद पितृ पक्ष में तीन शनिवार होंगे।
पितृ पक्ष 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक, 14 दिनों का श्राद्ध काल
Source: OneIndia Hindi