कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के अरावली को फिर से परिभाषित करने के फैसले से पर्वत शृंखला पर सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट की उच्चाधिकार प्राप्त समिति, जिसे 30 नवंबर 2026 तक रिपोर्ट देनी है, केंद्र के इस कदम को खारिज कर देगी। यह बयान अरावली में खनन के पर्यावरणीय असर पर पीटीआई की रिपोर्ट के बाद आया है।
अरावली को फिर से परिभाषित करने पर जयराम रमेश का बड़ा बयान
Source: Dainik Tribune Hindi