पंजीकृत लेकिन अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मिलने वाले भारी चंदे में पारदर्शिता की कमी को लेकर सवाल उठे हैं। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2022-23 में ऐसे दलों की घोषित आय में 223 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि 2764 दलों में से केवल 739 ने ही वित्तीय रिकॉर्ड सौंपे। चुनाव आयोग ने 2854 दलों में से 334 को सूची से हटाया है। विशेषज्ञ कोर्ट की निगरानी में जांच और अनिवार्य ऑडिट की मांग कर रहे हैं।
चुनावी चंदे में पारदर्शिता की कमी पर सवाल
Source: Dainik Tribune Hindi