छत्तीसगढ़ का बस्तर, जो कभी नक्सलवाद के लिए चर्चित था, अब प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति और इको-टूरिज्म के कारण पर्यटन केंद्र बन रहा है। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और मां दंतेश्वरी मंदिर जैसे स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। होमस्टे नीति 2025-30 से स्थानीय परिवारों को रोजगार मिल रहा है, और 45 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है।
बस्तर अब पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा
Source: Lokmat Hindi