बॉलीवुड में करियर ढलान पर आने के बाद चंकी पांडे ने बांग्लादेश का रुख किया और वहां कई फिल्मों में काम करके लोकप्रियता हासिल की। सालों बाद लौटे तो हीरो की छवि छोड़कर सहायक भूमिकाएं स्वीकार कीं। 2010 में 'हाउसफुल' के 'आखिरी पास्ता' किरदार ने उनकी पहचान ही बदल दी।
चंकी पांडे: बांग्लादेश में स्टारडम से 'आखिरी पास्ता' तक का सफर
Source: Prabhat Khabar