महिलाओं के जननांगों पर शर्म का इतिहास और विरोधाभास

महिलाओं के जननांगों पर शर्म का इतिहास और विरोधाभास

महिलाओं के बाहरी जननांगों (वल्वा) को लेकर शर्म की भावना का इतिहास हज़ारों साल पुराना है। प्राचीन काल में इसे प्रजनन क्षमता का प्रतीक माना जाता था, लेकिन ग्रीस और रोम में इसे तिरस्कार की वस्तु बना दिया गया। आज कॉस्मेटिक सर्जरी और सोशल मीडिया ने 'आदर्श' स्वरूप का दबाव बढ़ाया है, जबकि चिकित्सक कहते हैं कि इसका कोई एक 'सही' आकार नहीं होता।

Source: BBC Hindi

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