23 मार्च 1931 को लाहौर सेंट्रल जेल में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दी गई, जो तय समय से करीब 11 घंटे पहले हुई। 28 सितंबर 1907 को जन्मे भगत सिंह ने 1929 में सेंट्रल असेंबली में बम फेंककर ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती दी थी। उनका बलिदान स्वतंत्रता संग्राम की अमिट विरासत बना।
भगत सिंह की विरासत: शहादत और क्रांतिकारी जीवन
Source: Lokmat Hindi