सुप्रीम कोर्ट ने NSA के तहत एक व्यक्ति की हिरासत को गैरकानूनी मानते हुए रद्द कर दिया और उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये की लागत लगाई। पुलिस अधिकारी के सामने दिया गया इकबालिया बयान हिरासत का आधार नहीं बन सकता। जस्टिस दीपांकर दत्ता और शील नागू की पीठ ने यह फैसला दिवंगत लॉ क्लर्क-कम-रिसर्च एसोसिएट रित्विक देसवाल की स्मृति को समर्पित किया, जिनका 27वें जन्मदिन से चार दिन पहले निधन हो गया था।
SC ने NSA हिरासत रद्द की, दिवंगत लॉ क्लर्क को समर्पित फैसला
Source: News18 Hindi