पितृपक्ष 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चल रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग गया जी में तर्पण और पिंडदान कर रहे हैं। देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुद्गल के अनुसार, गया में पिंडदान के बाद घर लौटकर दोबारा पिंडदान, सत्यनारायण कथा, ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को भोजन तथा गौदान करना चाहिए, तभी पितृकर्म पूर्ण माना जाता है।
गया पिंडदान के बाद घर लौटकर भी जरूरी हैं पितृकर्म
Source: News18 Hindi