छत्तीसगढ़ में निजी यात्री बसों की हालत बदहाल है। पत्रिका जन अभियान की 15 बसों की पड़ताल में फटी सीटें, टूटे शीशे, जाम इमरजेंसी गेट और सुरक्षा उपकरणों की कमी पाई गई। ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में स्थिति अधिक खराब है, जहां लोगों के पास विकल्प नहीं हैं। पिछले एक साल में निजी बसों से जुड़े 140 से अधिक हादसों में 60 से ज्यादा की मौत हुई।
छत्तीसगढ़ की निजी बसों में सुविधाएं जीरो, किराया पूरा
Source: Patrika Hindi