महात्मा गांधी 1929 में पहली बार भोपाल आए और तीन दिन राहत मंजिल में ठहरे, जहां प्रार्थना सभा हुई। 1933 में हरिजन यात्रा के दौरान वे भोपाल रेलवे स्टेशन पर रुके, जहां एक बालिका ने अंगूठी दान की। इतिहासकारों के अनुसार जुड़े कई स्थल आज संरक्षण से वंचित हैं।
गांधीजी के भोपाल प्रवास की धुंधली होती यादें
Source: Nai Dunia