1951 में जनसंघ की स्थापना से लेकर 2014 के बाद मोदी युग तक बीजेपी की हिंदुत्व राजनीति ने कई पड़ाव देखे। अयोध्या राम मंदिर और अनुच्छेद 370 जैसे पुराने एजेंडे पूरे हो चुके हैं, जबकि समान नागरिक संहिता अब भी घोषित एजेंडे में है। अब काशी के ज्ञानवापी और मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद अदालतों में लंबित हैं। सवाल यह है कि 2029 से पहले बीजेपी का अगला वैचारिक पड़ाव क्या होगा।
जनसंघ से मोदी युग तक: बीजेपी का बदलता हिंदुत्व मॉडल
Source: Patrika Hindi