वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सियासी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि अगर किसी प्रक्रिया से लाखों नागरिक मताधिकार से वंचित होकर 'दूसरे दर्जे के नागरिक' बनते हैं, तो यह मनमानी होगी और संविधान के अनुच्छेद 14 व 326 के खिलाफ है। उन्होंने बिना नोटिस और सुनवाई के नाम हटाने पर रोक की बात कही। पूर्व जज रोहिंटन नरीमन ने भी चिंता जताई।
SIR विवाद पर जस्टिस भुइयां का बड़ा बयान
Source: News18 Hindi