बालों के झड़ने और गंजेपन से परेशान लोग हेयर ट्रांसप्लांट का विकल्प चुनते हैं, लेकिन यह सर्जिकल प्रक्रिया पूरी तरह जोखिममुक्त नहीं है। ट्रांसप्लांट के बाद सूजन, दर्द, इंफेक्शन और शॉक लॉस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक डॉक्टर की योग्यता, अनुभव और क्लिनिक की स्वच्छता पर ध्यान देना जरूरी है। 23-25 वर्ष से कम उम्र में आमतौर पर ट्रांसप्लांट की सलाह नहीं दी जाती।
हेयर ट्रांसप्लांट: फायदे के साथ साइड इफेक्ट्स का भी खतरा
Source: ABP Hindi