भारत की जल सुरक्षा जलवायु परिवर्तन से गंभीर खतरे में है। नई दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल वॉटर वीक में नदियों में मैक्रो प्लास्टिक निगरानी प्रोटोकॉल समेत कई पहलें सामने आईं। बेंगलुरु के 7,000 बोरवेल सूख चुके हैं, जबकि 1950-2015 के बीच महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और ओडिशा में भारी वर्षा तीन गुना बढ़ी। सीईईडब्ल्यू के अनुसार 40 फीसदी से अधिक जिलों में बाढ़-सूखे का स्वरूप बदल रहा है।
जलवायु अनुकूल जल प्रबंधन की जरूरत
Source: Prabhat Khabar