एक 30 वर्षीय महिला ने बताया कि बचपन से ही परिवार, स्कूल और रिश्तेदारों में उसे कम महत्व मिला, जबकि बड़ी बहन को ज्यादा प्यार मिला। यही पैटर्न अब उसके रोमांटिक रिश्ते में भी दोहराया जा रहा है। विशेषज्ञ डॉ. द्रोण शर्मा के अनुसार, बचपन की तुलना और कम अहमियत की भावना आगे के रिश्तों को प्रभावित करती है, लेकिन CBT तकनीकों से इस नरेटिव को बदला जा सकता है।
बचपन की उपेक्षा से रिश्तों में टेकेन फॉर ग्रांटेड का एहसास
Source: Dainik Bhaskar