छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्थायी जाति प्रमाण पत्र के लिए 1950 से पहले का दस्तावेज अनिवार्य नहीं माना है। कोरिया जिले की दुर्गावती भारती के लंबित आवेदन पर निर्णय न होने पर अदालत ने राहत दी। न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय ने एसडीएम को छह महीने में निर्णय लेने और दस्तावेज न होने पर असमर्थता प्रमाणपत्र स्वीकार करने का निर्देश दिया।
जाति प्रमाण पत्र: हाई कोर्ट का अहम फैसला, 1950 पूर्व दस्तावेज अनिवार्य नहीं
Source: Nai Dunia