विश्व अंतरिक्ष सप्ताह (4-10 अक्टूबर) के अवसर पर यह रेखांकित किया गया कि अंतरिक्ष कार्यक्रम विलासिता नहीं, बल्कि विकास की आधारभूत आवश्यकता है। इसरो के अनुसार उपग्रह प्रणालियाँ मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन, संचार और कृषि जैसी चुनौतियों के समाधान में सहायक हैं। 1957 में स्पुतनिक-1 से शुरू हुआ अंतरिक्ष युग अब 52 देशों के 746 यात्रियों तक पहुँच चुका है।
अंतरिक्ष कार्यक्रम शौक नहीं, विकास की जरूरत: विश्व अंतरिक्ष सप्ताह
Source: Lokmat Hindi