अमिताभ बच्चन ने 1984 में राजीव गांधी के आग्रह पर राजनीति में कदम रखा और इलाहाबाद से चुनाव जीता, लेकिन बोफोर्स विवाद और असफलताओं के बाद 1987 में इस्तीफा दे दिया। 1990 के दशक में उन पर करीब 90 करोड़ रुपये का कर्ज और 55 मुकदमे चल रहे थे। स्टारडम का ईगो छोड़कर उन्होंने यश चोपड़ा से काम मांगा, जिसके बाद 'मोहब्बतें' में भूमिका मिली।
अमिताभ बच्चन: कर्ज और संघर्ष से वापसी की कहानी
Source: Prabhat Khabar