द लैंसेट रेह्यूमेटोलॉजी में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में दुनिया में 5.58 करोड़ लोग गाउट से प्रभावित थे, जो 1990 के मुकाबले 150.6% अधिक है। 2050 तक यह संख्या 9.58 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। गाउट एक इंफ्लेमेटरी अर्थराइटिस है, जिसमें यूरिक एसिड के क्रिस्टल जोड़ों में जमा हो जाते हैं। यह पुरुषों में महिलाओं की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक होता है।
दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहे गाउट के मामले, पुरुषों में तीन गुना ज्यादा खतरा
Source: Dainik Bhaskar