दशहरा-दिवाली के मौसम में तुरंत कर्ज के लालच में छोटे व्यवसायी और युवा फंस रहे हैं। 10 प्रतिशत फ्लैट ब्याज दर पर एक लाख रुपये के कर्ज पर सालाना 10 हजार रुपये ब्याज बनता है, जबकि रिड्यूसिंग दर पर यह लगभग 5,500 रुपये होता है। उदगीर में अवैध साहूकारी के खिलाफ छापों के बीच वसूली की शिकायतें बढ़ी हैं।
त्योहारों में तुरंत कर्ज का लालच, फ्लैट ब्याज दर से आर्थिक नुकसान
Source: Lokmat Hindi