अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोलोराडो की प्रोफ़ेसर एमी प्यू बर्नार्ड रात में करीब पांच घंटे सोकर भी पूरी तरह ऊर्जावान रहती हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक़ यह दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति 'फ़ैमिलियल नेचुरल शॉर्ट स्लीप' (एफएनएसएस) के कारण होता है, जिसमें जीन में बदलाव से कम नींद की ज़रूरत होती है और उसके नुक़सान से भी बचाव हो सकता है।
कुछ लोगों को चार घंटे की नींद ही क्यों काफी होती है?
Source: BBC Hindi