देश में सर्दियों के साथ हवा जहरीली होने और एक्यूआई 400-500 पार करने के बीच औद्योगिक उत्सर्जन पर सख्त सवाल उठे हैं। वायु अधिनियम 1981 की धारा 37-40 में कंपनियों के निदेशकों व शीर्ष अधिकारियों को आपराधिक रूप से जवाबदेह ठहराने का प्रावधान है, लेकिन व्यवहार में एनजीटी और प्रदूषण बोर्ड आर्थिक दंड तक सीमित रहते हैं। विशेषज्ञ इन धाराओं के कड़े प्रवर्तन की मांग कर रहे हैं।
प्रदूषण पर सिर्फ जुर्माना नहीं, आपराधिक कार्रवाई जरूरी
Source: Dainik Tribune Hindi