छह साल का बच्चा पटाखों की आवाज से डरता है और स्कूल में दोस्त उसे 'डरपोक' कहकर चिढ़ाते हैं। बाल मनोवैज्ञानिक रिद्धि दोषी पटेल के अनुसार, यह डर स्वाभाविक है और इसे कमजोरी नहीं समझना चाहिए। माता-पिता को बच्चे की भावनाओं को स्वीकार करते हुए उसका आत्मविश्वास बढ़ाना चाहिए और तानों का सामना करने के तरीके सिखाने चाहिए।
पटाखों से डरना कमजोरी नहीं, बच्चे को समझाएं: विशेषज्ञ
Source: Dainik Bhaskar