जुलाई में थोक मुद्रास्फीति घटकर 9.78 प्रतिशत रही, जो 276 दिनों में पहली गिरावट है। ईंधन और बिजली की कीमतों में नरमी से राहत मिली, जबकि विनिर्मित उत्पादों की महंगाई बढ़ी। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में और नरमी आ सकती है।
सावन में राहत: 276 दिन बाद थोक महंगाई घटकर 9.78%
Source: Lokmat Hindi