14 अगस्त 1947 की शाम लाहौर से आए एक फोन कॉल ने नेहरू को झकझोर दिया था। उन्हें बताया गया कि वहां हिंदुओं और सिखों पर हमले हो रहे हैं और पानी की आपूर्ति काट दी गई है। इस खबर ने उन्हें इतना विचलित कर दिया कि वे आज़ादी के जश्न में शामिल नहीं हो सके। बाद में उन्होंने 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' भाषण दिया, जिसमें उन्होंने विभाजन की पीड़ा का जिक्र किया।
आज़ादी की खुशियों के बीच नेहरू को लाहौर की त्रासदी ने किया था विचलित
Source: BBC Hindi