प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से कहा कि देश हथियारी नक्सलियों से मुक्त हो चुका है, पर दिमागी नक्सलियों से मुक्त होना बाकी है। इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। संपादकीय में कहा गया है कि विचार की स्वतंत्रता की रक्षा हर कीमत पर होनी चाहिए, और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने का अधिकार देशद्रोह नहीं है।
प्रधानमंत्री के 'दिमागी नक्सली' वाले बयान पर विवाद
Source: Dainik Tribune Hindi