निजी निवेश शिक्षा को संसाधन दे सकता है, लेकिन विद्यालय की वास्तविक सफलता चरित्र, ज्ञान, जिज्ञासा और सामाजिक जिम्मेदारी से तय होती है। भारत में निजी विद्यालयों में बढ़ते निवेश पर बहस के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि विवेक और नैतिकता का विकास होना चाहिए।
विद्यालय की सफलता पांच पूंजियों में समाहित
Source: Patrika Hindi