कोविड के बाद स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चों में वर्चुअल ऑटिज्म के मामले तेजी से बढ़े हैं। देशभर के 451 DEIC में थेरेपिस्ट के पद खाली हैं, जिससे इलाज में देरी हो रही है। वर्चुअल ऑटिज्म को ऑटिज्म से अलग पहचानने का टूल नहीं है, जिससे सही आंकड़े और नीति नहीं बन पा रही।
वर्चुअल ऑटिज्म के बढ़ते मामले, DEIC में स्टाफ और थेरेपी की कमी
Source: Dainik Bhaskar