दिल्ली की विशेष अदालत ने 1980 में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के मामले में मजिस्ट्रेट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से इनकार किया गया था। याचिका में आरोप है कि उन्होंने 1983 में नागरिकता मिलने से पहले फर्जी दस्तावेजों के जरिए नाम जुड़वाया। अब मामला एसीजेएम कोर्ट भेजा गया है, जहां 29 सितंबर को नए सिरे से सुनवाई होगी।
सोनिया गांधी मामले में मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द, 29 सितंबर को सुनवाई
Source: Hari Bhoomi