पराली समाधान: वैज्ञानिक और किसान मिलकर तलाशें रास्ता

पराली समाधान: वैज्ञानिक और किसान मिलकर तलाशें रास्ता

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के लिए केवल किसानों को दोषी ठहराना तथ्यों के विपरीत है। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार अक्तूबर में फसल अवशेष जलाने की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत तक रहती है, जबकि अन्य महीनों में यह नाममात्र है। विशेषज्ञों का मत है कि पराली को खेत में मिलाकर जैविक खाद बनाना व्यावहारिक और पर्यावरण हितैषी समाधान है।

Source: Dainik Tribune Hindi

More in Science & Environment

Read the live feed on ZapIndies