चुनाव आयोग में असहमति पर बहस, 33 साल में तीन बड़े टकराव

चुनाव आयोग में असहमति पर बहस, 33 साल में तीन बड़े टकराव

चुनाव आयोग में असहमति को लेकर चर्चा तेज है। 1993 में तीन सदस्यीय आयोग बनने के बाद से टीएन शेषन, नवीन चावला और अशोक लवासा के कार्यकाल में मतभेद सामने आए हैं। 1995 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि तीनों सदस्यों की भूमिका बराबर है। आयोग का कहना है कि असहमति सामान्य प्रक्रिया है और अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं।

Source: Prabhat Khabar

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