बलरामपुर चीनी मिल की शुरुआत 1975 में 80 टन रोजाना की क्षमता से हुई थी, जो अब 80 हजार टन गन्ने की खपत करती है। देश की दूसरी सबसे बड़ी मिल का कारोबार 14 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। मीनाक्षी सारोगी ने इसे 10 यूनिट तक बढ़ाया, जिसमें चीनी, एथनॉल और बिजली उत्पादन शामिल है।
बलरामपुर चीनी मिल: 80 टन से 14 हजार करोड़ तक का सफर
Source: News18 Hindi