ओडिशा के छोटे शहर से निकले रितेश अग्रवाल ने 13 साल की उम्र में SIM कार्ड बेचना शुरू किया और 17 साल की उम्र में इंजीनियरिंग कॉलेजों पर किताब लिखी। कोटा में IIT की तैयारी के दौरान उनका झुकाव स्टार्टअप्स की ओर बढ़ा। बजट होटलों की खराब गुणवत्ता को समझने के लिए 100 से ज्यादा होटलों में रुकने के बाद 2012 में Oravel Stays शुरू की, जो आगे चलकर OYO बनी।
13 की उम्र में SIM बेचने वाले रितेश अग्रवाल ने खड़ी की OYO
Source: Prabhat Khabar