पुश्तैनी संपत्ति के कागजात अक्सर रजिस्ट्री या पट्टे के होते हैं, जिनका मतलब अलग-अलग होता है। रजिस्ट्री में संपत्ति का पूर्ण स्वामित्व मिलता है और उसे बेचा या गिफ्ट किया जा सकता है, जबकि पट्टा केवल उपयोग का अधिकार देता है, आमतौर पर 90 या 99 साल के लिए। पट्टे की संपत्ति को बेचा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता और उस पर बैंक लोन भी नहीं मिलता।
रजिस्ट्री और पट्टे में अंतर: जानें क्या है फर्क
Source: News18 Hindi