निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण मतदान के अधिकार और मतदाता सूची पर बहस फिर तेज हो गई है। करोड़ों नाम हटाए जा चुके हैं। महात्मा गांधी ने 1931 में सभी के मताधिकार की वकालत की थी, जबकि संविधान सभा ने मतदान को मौलिक अधिकार बनाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया था। विशेषज्ञ इसे संवैधानिक अधिकार बताते हैं।
मताधिकार पर बहस: गांधी की विरासत और एसआईआर का सवाल
Source: Dainik Tribune Hindi