28 अप्रैल 1934 को महात्मा गांधी गोमिया के करमाटांड़ पहुंचे और स्वतंत्रता सेनानी होपन मांझी के घर रात्रि विश्राम किया। संताल परंपरा से स्वागत हुआ और उन्हें महुआ-बाजरे की रोटी परोसी गई। कोनार नदी किनारे गोमीबेड़ा में हजारों लोगों की सभा को संबोधित किया। यह यात्रा आज भी स्थानीय स्मृति में जीवित है।
1934 में गांधीजी ने गोमिया के होपन मांझी के घर किया था रात्रि विश्राम
Source: Prabhat Khabar