गुजरात में मच्छर, हाथी, घोड़ा, वाघ और मांकड़ जैसे सरनेम आम हैं। समाजशास्त्रियों के अनुसार ये ज़्यादातर वडनगर और जूनागढ़ के नागर समुदाय में मिलते हैं। माना जाता है कि ये आपसी मज़ाक या टोटेम परंपरा से बने, लेकिन शोधकर्ताओं के पास इसका कोई ठोस सबूत नहीं है।
गुजरात में जानवरों के नाम पर सरनेम कैसे पड़े?
Source: BBC Hindi