पंचतंत्र की कथाओं में निहित राजनीतिक, सामाजिक और नैतिक शिक्षाएं मौजूदा भारतीय लोकतंत्र और शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों से मेल खाती हैं। लेख के अनुसार इन कहानियों में संवाद और बहस से समस्याएं सुलझाने का संदेश है, जबकि आज के विश्वविद्यालय प्रतिस्पर्धा और सत्ता के आगे झुकने को अपना आदर्श बना चुके हैं। टूटा भरोसा फिर नहीं जुड़ता, यह भी कथाएं सिखाती हैं।
पंचतंत्र की शिक्षाएं आज के लोकतंत्र में प्रासंगिक
Source: Dainik Tribune Hindi