उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम 2004 में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद राज्य मदरसा बोर्ड कामिल और फाजिल जैसी उच्च शिक्षा की डिग्रियां नहीं देगा। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2024 के फैसले के अनुरूप है, जिसमें कहा गया था कि मदरसा बोर्ड विश्वविद्यालय नहीं है और उच्च शिक्षा की डिग्री नहीं दे सकता। सरकार का कहना है कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए डिग्रियों को विश्वविद्यालयों से संबद्ध करने की दिशा में काम किया जा रहा है। हालांकि, मदरसा प्रबंधकों और धर्मगुरुओं ने चिंता जताई है कि इससे छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा और दाखिलों में गिरावट आ सकती है।
यूपी में मदरसा बोर्ड अब नहीं देगा कामिल-फाजिल की डिग्री
Source: DW Hindi